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पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति रोग के लकà¥à¤·à¤£ और पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति रोग के घरेलॠइलाज
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का शरीर निसतà¥à¤µ-सा हो जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा, रकà¥à¤¤ के निकलने से, पà¥à¤°à¤¸à¥‚ता में दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾, अंगों में टूटन, पà¥à¤¯à¤¾à¤¸, खाने की इचà¥à¤›à¤¾ न होना, शरीर में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨, सूजन, अफारा, बà¥à¤–ार, दसà¥à¤¤ आदि लकà¥à¤·à¤£ हो जाते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ता सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ में उसकी पà¥à¤°à¤•ृति, रहन-सहन और बल के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम या अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। विकार अधिक बढ़कर गंà¤à¥€à¤° रोग का रूप धारण कर लेते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ता के रोग कहते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति रोग में घरेलॠइलाज
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का शरीर निसतà¥à¤µ-सा हो जाता है। अतः पà¥à¤°à¤¸à¥‚ता को सà¥à¤¨à¤¿à¤—à¥à¤§, बल देने वाले अनà¥à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ वायà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤• तेलों की मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ ठंडे वातावरण, परिशà¥à¤°à¤®, चिंता, शोक तथा अनियमित à¤à¥‹à¤œà¤¨ से बचना चाहिà¤à¥¤ पहले 15 दिन तक पीने के लिठदशमूल अरà¥à¤• देना उतà¥à¤¤à¤® होता है।
1। वृहत सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ शृंठी पाक 15 गà¥à¤°à¤¾à¤® दिन में दो बार दूध के साथ दें।
2। दशमूल कà¥à¤µà¤¾à¤¥ 35-50 मि.लि।
घी मिलाकर दिन में दो बार दें।
3। दशमूलारिषà¥à¤Ÿ 20 मि.लि। à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° बराबर उषà¥à¤£ जल मिलाकर दें।
4। पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª लंकेशà¥à¤µà¤° रस 240 मि.गà¥à¤°à¤¾à¤® दिन में दो बार मधॠके साथ दें।
5। संजीवनी वटी 1-2 वटी दिन में दो बार उषà¥à¤£ जल के साथ दें।
6। सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ वटी 240 मि.गà¥à¤°à¤¾à¤® दिन में दो बार दें।
7। जà¥à¤µà¤° की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ में -- पà¥à¤Ÿà¤ªà¤•à¥à¤µ विषम जà¥à¤µà¤°à¤¾à¤‚तक लौह का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
8। जीरà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ता रोग में - पà¥à¤Ÿà¤ªà¤•à¥à¤µ विषम जà¥à¤µà¤°à¤¾à¤‚तक लौह 250 मि.गà¥à¤°à¤¾à¤®, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ बसंतमालती रस या वृहत सरà¥à¤µ जà¥à¤µà¤° हर लौह का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
9। कफ के रोग में वृहत सूतिका विनोद रस शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार दें।
10। सूजन à¤à¤µà¤‚ दसà¥à¤¤ में - सूतिकाहर रस 120-250 मि.लि। दिन में दो बार दें। 11। दशमूलारिषà¥à¤Ÿ, जीरकाधारिषà¥à¤Ÿ अति उतà¥à¤¤à¤® योग है।
12। पà¥à¤°à¤²à¤¾à¤ª की दशा में सूतिकाहर रस, हिंगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¤¿ योग 120-240 मि.गà¥à¤°à¤¾à¤® शहद में दिन में दो बार दें।
13। देवदादि कà¥à¤µà¤¾à¤¥ 50 मि.लि। दिन में दो बार उषà¥à¤£ जल से दें।
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